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[2022] भारतीय किसान पर निबंध | Essay on Farmer in Hindi

नमस्कार पाठको, आज के इस लेख में हम भारतीय किसान पर निबंध लिखेंगे। अगर आप भी भारतीय किसान पर निबंध (Essay on Farmer in Hindi) पढ़ना व लिखना चाहते हैं, तो इस लेख को शुरू से लेकर अंत तक अवश्य पढ़ें।

हमने इस निबंध में भारतीय किसानों के द्वारा उत्पन्न हुई कुछ समस्याएं आपके सामने रखी है और अपनी राय भी देने की कोशिश करी है। हमारा आज का भारतीय किसान पर निबंध 200 से लेकर 2000 शब्दों में लिखा गया है। आप इसको अपनी जरूरत के अनुसार लिख सकते हैं। हमारे द्वारा लिखा गया ये लेख Class 3,4,5,6,7,8,9 से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिये है।

भारतीय किसान पर निबंध (Essay on Farmer in Hindi)

प्रस्तावना

हमारा भारत एक किसान प्रधान देश है। हमारे भारत में काफी अधिक मात्रा में लोग खेती (किसानी) करते हैं और अपना पालन पोषण भी खेती कर के ही करते हैं। कोई खेती कर के पैसे कमाता है तो कोई अपने खेत को किराए पर देकर उससे पैसे कमाता है। मतलब ये कि लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि क्षेत्र से जुड़े हैं।

भारतीय किसान पर निबंध
भारतीय किसान पर निबंध

इसी कारण वश हमारी देश की कुछ हद तक अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी है।

भारतीय किसान का जीवन व उसकी कार्य शैली

एक किसान का कार्य यही है कि वे किसानी कर के अपने घर का पालन पोषण करता है। उसके लिए एक किसान को दिन रात मेहनत करनी पड़ती है और अपने फसल की रखवाली करने पड़ती है। जिससे उसकी फसल फलदाई और उपजाऊ हो सके।

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भारत में 80% से ऊपर किसान अपने गावों में रहकर किसानी करते हैं हालांकि किसानी इतनी आसान नहीं होती परन्तु आज के समय में कुछ हद तक किसानों को राहत मिली है क्यूंकि बैल और ट्रैक्टर जैसे साधन से उनका कार्य आसान हुआ है और वे उसके माध्यम से आसानी से खेत की जुताई कर पाते हैं परन्तु मेहनत तो फिर भी करनी पड़ती है।

भारतीय किसान की दिनचर्या

एक भारतीय किसान प्रातःकाल सुबह उठकर भोर में खेत की ओर प्रस्थान करता है। ये देखने के लिए कि उसके खेत में सब कुशल मंगल तो है ना क्यूंकि किसानी एक ऐसा व्यापार है जिसमे नुकसान होने की संभावनाएं होती है। किसानी में हर भारतीय किसान की मेहनत दाव पर लगी होती है।

देश में किसानों का महत्व

हमारे देश में किसानों का दर्जा सबसे ऊपर है और किसी महापुरुष ने क्या खूब कहा है –

भारत गावों की धरा है और किसान देश की आत्मा है।

ऐसा केवल कहा ही नहीं जाता है अपितु मै खुद भी यही महसूस करता हूं। हमारे देश में किसानों को बहुत सम्मानित किया जाता है और गावों मे किसानी एक महत्वपूर्ण पेशा भी माना जाता है।

हमारे देश में अनाज, धान, गेहूं, दाल और सब्जियां सब हमारे किसान भाइयों के परिश्रम से ही उत्पन्न होता है। जिसे खा कर हम अपने पेट को भरते हैं और कहीं ना कहीं किसान भाईयो को दुआ ही देते हैं। इसके अलावा किसान को अन्नदाता के नाम से भी संबोधित किया जाता है, जिसका अर्थ है अन्न देने वाला। इसके साथ एक और नारा बड़ा ही ज्यादा विख्यात है। जो स्वयं हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने भारत पाक युद्ध के समय बोला था।

जय जवान जय किसान

ये सच ही है जवान देश की सीमा पर रह कर देश के लिए लड़ते हैं और हमारे किसान भाई देश में रहकर देशवासियों के लिए अनाज का उत्पाद करते है। जिसे खा कर हम अपने पेट की भूख को शांत करते हैं। हर एक भारतीय किसान बहुत ही ज्यादा मेहनती होते हैं तब जाके अनाज का उत्पाद संभव हो पाता है।

किसान की मुश्किलें

भारत में एक किसान का जीवन इतना सरल नहीं होता है जितना कि हम समझते हैं क्यूंकि किसानों को एक नहीं बल्कि कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

आज के समय में भी हर किसान के पास ट्रैक्टर नहीं है। एक गरीब किसान दिन रात अपने खेत में मेहनत करते है। तब जाके अपने घर का पालन पोषण कुशल पूर्वक कर पाते हैं। इसके अलावा एक किसान के जीवन में कई और  मुश्किलें भी होती हैं जिसपर कोई ध्यान तक देता ही नहीं है।

जब भी सरकार के द्वारा कोई सेवा शुरू की जाती है। तो उसे मंत्री मंडल या दलाल के द्वारा हेरा फेरी कर दी जाती है। जिससे उस सेवा का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाता है। हा ये सत्य है कि सरकार किसानों के लिए कई सारे सेवाएं लाते रहते हैं परन्तु उस सेवा का लाभ किसानों को मिल रहा है या नहीं इस बात का ध्यान भी सरकार को रखना चाहिए और कड़े से कदा कानून बनाना चाहिए। 

प्राकृतिक आपदाएं

एक किसान जब किसानी करता है फल, सब्जी या अनाज का उत्पादन करता है तो उसको प्राकृतिक आपदाओं का भी डर होता है की कहीं बारिश, तूफान या अन्य आपदाएं उनकी महीनों की मेहनत को बर्बाद ना कर दें। इससे किसानों को बहुत भारी नुकसान चुकाना पड़ता है। हालांकि सरकार इसमें भी मुवावजा प्रदान करती है। परन्तु कई सारे भ्रष्टाचारी लोग सेवा का लाभ किसानों तक पहुंचने नहीं देते हैं।

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भारत में किसानों की छवि

भारत में लोगों ने किसान की छवि काफी बुरी कर दी है। देश की शान (किसान) को गवार, अनपढ़ समझते हैं और उन्हें नीचा समझते हैं और उनके कार्य की इज्जत नहीं करते हैं जोकि सबसे गलत है। हमारे देश में हर व्यक्ति व मनुष्य समान रूप से हकदार है और रही बात कार्य की तो कोई भी कार्य छोटा बड़ा नहीं होता है। हमारे देश में दो ही प्रकार के लोग सम्मान के अधिकारी है। पहले पर हमारे जवान और उसके पर हमारे किसान भाई इसलिए “जय जवान जय किसान” ये नारा सर्व विख्यात है।

भारतीय किसानों की मुश्किलें सुधारने के अचूक उपाय

भारतीय किसानों की दशा सुधारने के लिए काफी सारे उपाय सरकार द्वारा किए जा सकते हैं जैसे

• किसानों की फसल किसी भी कारणवश खराब हो जाए तो सरकार को उचित बीमा की सुविधाएं किसानों को देनी चाहिए। सिर्फ इतना ही नहीं ये बीमा के पैसे किसानों के बैंक खाते में सफलतापूर्वक पहुंच जाए इस बात कि पुष्टि भी सरकार द्वारा होनी चाहिए।

• किसानों को आसान ऋण प्रदान किया जाना चाहिए ऐसा करने से निश्चित रूप से किसानों को लाभ होगा और स्थिति में सुधार होगा ऐसे में किसान बाजार से अच्छी गुणवत्ता वाला खाद व बीज खरीदने में सक्षम होंगे।

• अधिकांश किसानों में एक सबसे बड़ी समस्या यह देखने को मिली है कि उन्हें शिक्षा की बहुत कमी है या वे निरक्षर है ऐसे में वे नई-नई खेती करने के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत नहीं है। तो ऐसे में उन्हें उचित रूप से शिक्षा प्रदान करनी चाहिए। हालांकि सरकार ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है जिसमें भारत का कोई भी किसान अपनी समस्याओं को पूछ कर अपने सवाल का जवाब प्राप्त कर सकता है ये लाभदाई है।

उपसंहार (भारतीय किसान पर निबंध)

आज के इस लेख में हमने भारतीय किसान पर निबंध लिखा है। जिसमे हमने ये जाना की हमे अपने जीवन में किसानों का सम्मान करना चाहिए और उनके द्वारा उत्पन्न किए गए अनाज का अपमान नहीं करना चाहिए क्यूंकि एक किसान बहुत ही अधिक परिश्रम करके अनाज को उगाता है। इसके अलावा हर किसान अपने देश की धरा को पूजता है और सम्मान करता है क्यूंकि वो धरती ही है जिसपर हल चलाकर किसान अपने घर का निर्वाह करता है।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह भारतीय किसान पर निबंध लेख 2000 शब्दो में पसंद आया होगा। यदि पसंद आया हो तो इसलिए को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद।

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