(2021) शिक्षक दिवस पर निबंध | essay on teachers day in hindi

क्या आप शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्द में लिखना चाहते हैं। यदि हां तो आप हमारे essay on teachers day in hindi से सहायता ले सकते हैं।

क्या आपको शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में लिखा हुआ चाहिए?

हमारे द्वारा लिखा गया शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में लिखा हुआ है। इस लेख की सहायता से आप हिंदी में शिक्षक दिवस पर निबंध लिख सकते हैं।

शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। आगे इस लेख में हम यह भी जानेंगे कि शिक्षक दिवस 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है।

हमें शिक्षक दिवस पर निबंध 250 शब्दों में चाहिए?

हमने शिक्षक दिवस पर निबंध पूरे 1000 शब्दों में लिखा है। आप अपनी उपयोगिता के अनुसार इस निबंध से सहायता ले सकते हैं और केवल 250 शब्दों में लिख सकते हैं।

हमे शिक्षक दिवस पर वृक्तांत लेखन लिखना है?

शिक्षक दिवस एक ऐसा दिन है जिस दिन हम अपने शिक्षकों को ढेर सारे उपहार देते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। इस दिन हर स्कूलों मे चहल पहल होती है। बच्चे अनेकों प्रकार की स्पीच देते हैं और उनके सम्मान मे अनेकों गीत भी प्रस्तुत करते हैं। आगे इस लेख की सहायता से आप शिक्षक दिवस पर वृक्तांत लेखन लिख सकते हैं।

हेल्लो दोस्तों चलिए शुरू करते हैं। आज के इस लेख में हम उनके ऊपर चर्चा करेंगे जो हमारे लक्ष्य प्राप्ति में मै अपनी अहम भूमिका निभाते हैं और पग पग पर हमारा मार्गदर्शन करते हैं। जी हां दोस्तों आज हम शिक्षक के ऊपर विस्तार से बात करेंगे। शिक्षक दिवस क्या होता है, क्यूं मनाया जाता है?, कब मनाया जाता है और इससे संबंधित कई रोचक तथ्यों की भी जानकारी हम आपको देंगे।

ऐसा कहा जाता है कि गुरु के बिना हम अपने लक्ष्य की प्राप्ति कदा भी नहीं कर सकते हैं और ये सच है। क्यूंकि शिक्षा का महत्व हमारे जीवन में इतना है की बिना इसके हम कामयाब नहीं हो सकते है। इसीलिए तो बच्चे के पैदा होते ही 3 से 4 वर्ष के बाद उनका दाखिला स्कूल में कर दिया जाता है।

शिक्षक बिना मनुष्य अपूर्ण है। तो अब इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है की शिक्षा का इतना महत्व है तो शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षक कितने महत्व पूर्ण होंगे।

प्रस्तावना एवं उपसंहार सहित शिक्षक दिवस पर निबंध

गुरुर ब्रह्मा, गुरुर विष्णु, गुरुर देवो महेश्वरा गुरुर साक्षात परम ब्रम्ह तस्मै श्री गुरुवे नमः

प्रस्तावना

हमारे जीवन में गुरुओं का स्थान सबसे उच्च पर आता है क्यूंकि वो गुरु ही है जो हमे जीवन जीने का अंदाज़ और आने वाली मुश्किलों के लिए हमें सचेत करते हैं एवं उसे झेलने के लिए तैयार करते है और हमे जीवन में सफल होने के लिए भी प्रेरित करते हैं। हमे अपने जीवन में शिक्षकों की अहमियत को समझना चाहिए और उनके अनेकों कार्यों और प्रयासों को सम्मान देना चाहिए।

शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा रखते हुए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का आयोजन हर स्कूल और कॉलेज में होता है। प्रति वर्ष 5 सितंबर को डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। जिसे हम टीचर्स डे के नाम से भी संबोधित करते हैं। सबसे प्रथम बार शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया था।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

पिछले जमाने में जहां गुरु हुआ करते थे आज के जमाने में शिक्षक होते है और हर साल टीचर्स डे इसी उपलक्ष्य में मनाया जाता है जिसमे हम अपना प्रेम अपने शिक्षक के प्रति प्रदर्शित करें इसके अलावा मुख्य कारण ये भी है कि 5 सितंबर के दिन ही डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु में हुआ था। वे एक महान शिक्षक और हमारे स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे।

शिक्षक दिवस पर निबंध
शिक्षक दिवस पर निबंध

उपराष्ट्रपति से पहले उन्होंने 40 साल अपने अध्ययन को दिया था। फिर वे शिक्षक के रूप में भी कार्य किए हैं। ज्ञान के संदर्भ में सर्वपल्ली जी का यही कहना है कि

शिक्षा जहां से मिले ग्रहण कर लेना चाहिए और अपने जीवन में उतार लेना चाहिए

कैसे मनाते हैं शिक्षक दिवस (तरीका)

पूरे भारतवर्ष में शिक्षक दिवस स्कूलों में बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। शिक्षक दिवस मनाने के लिए स्कूल के छात्र व छात्राएं अध्यापक के लिए पूरे स्कूल को डेकोरेट करते हैं, केक, पेस्ट्री, और ढेर सारी चॉकलेट लाते है। उनके लिए ग्रीटिंग कार्ड सजाते हैं और उनके लिए गिफ्ट भी लेके आते हैं। उसके अलावा उनके मनोरंजन के लिए तरह के गीत और नृत्य पेश करते हैं और टीचर्स को स्टेज पर बुलाकर अपना अनुभव साझा करने की कामना करते हैं की टीचर्स आएं और अपना कीमती अनुभव हमारे साथ शेयर करें। ये देख कर टीचर्स भी काफी खुश होते हैं और खुशी-खुशी अपना अनुभव साझा करते हैं।

शिक्षक दिवस का इतिहास (History)

शिक्षक दिवस का इतिहास सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी से जुड़ा है डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जयंती को ही हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। उनकी काबिलियत को देखते हुए ब्रिटिश गवर्नमेंट ने उन्हें सर की उपाधि से सम्मानित किया और 1954 में सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उस वक्त वे एक शिक्षक के तौर पर कार्य भी कर रहे थे। उसके बाद सन् 1952 से लेकर 1962 तक भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया और देश की सेवा की। उसके बाद 1962 से भारत सरकार ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्मदिवस पर नेशनल टीचर्स डे मनाने की बहुमूल्य घोषणा की थी। सर्वपल्ली जी 1962 से लेकर 1967 तक देश के राष्ट्रपति भी रह चुके हैं।

शिक्षा के प्रति सर्वपल्ली जी की जागरूकता

इनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था परन्तु इनके भीतर विद्या ग्रहण करने में काफी रुचि थी और ये पूरे विश्व को विद्यालय ही मानते थे। ये अपने जीवन में शिक्षकों के महत्व को भली भांति समझते थे। क्यूंकि वो शिक्षक ही थे जो बच्चो का कल्याण करते थे और उनका मार्गदर्शन करते थे। 40 साल उन्होंने शिक्षा का अध्ययन किया उसके बाद शिक्षा का प्रचार प्रसार करते हुए महान कार्य संपन्न किए।

शिक्षक दिवस से जुड़े स्मरणीय तथ्य (Interesting Fact about teachers day)

शिक्षक दिवस से जुड़े अनेक स्मरणीय तथ्य हैं वो ये कि हर देश में शिक्षक दिवस अलग अलग दिन मनाया जाता है। भारत में 5 सितंबर तो दुनिया भर में 5 अक्टूबर, को टीचर्स डे मनाया जाता है। और लोगो के मन में अक्सर ये सवाल आता है कि Teacher’s Day: दुनिया भर में 5 अक्टूबर, तो भारत में 5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है वो इस लिए क्यूंकि UNESCO ने स्वयं 1994 में शिक्षक दिवस मनाने का आधिकारिक दिन तय किया है और उसके मुताबिक 5 अक्टूबर को टीचर्स डे मनाया जाएगा इसलिए 100 से भी ज्यादा देशों में 5 अक्टूबर को टीचर्स डे मनाया जाने लगा।

• इसके अलावा आपको जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका में एक दिन कि बजाय दो दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है। कहीं कहीं ये मई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है तो कहीं जून के पहले इतवार को मनाया जाता है।

• भारत में प्रति वर्ष शिक्षक दिवस 5 सितंबर को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की याद में मनाया जाता है फर्क नहीं पड़ता कि 5 सितंबर को कौन दिन पड़ता है।

• डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। उनका ऐसा मानना है कि शिक्षा से ही मानव मस्तिष्क का उपयोग किया जा सकता है।

शिक्षक दिवस पर बधाई संदेश

शिक्षक दिवस पर बधाई देते हुए अनेक संदेश दिए जा सकते हैं। जैसे

1) शिक्षको ने ही ज्ञान का अनमोल बीज हमारे जीवन में बोया है जिसका वृक्ष आजीवन हमारे हृदय में रहेगा। शिक्षक दिवस की आपको ढेर सारी बधाइयां।

2) शिक्षक का वहीं कार्य है जिससे विद्यार्थियों का उद्धार है। (हैप्पी टीचर्स डे)

3) जीवन का अनमोल पाठ पढ़ाने वाले और मेरी हर गलतियों को हस कर क्षमा करने वाले शिक्षक को मेरा शत शत नमन (शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं)

उपसंहार

शिक्षक दिवस का दिन गुरुओं का दिन होता है। इस दिन पूरे भारतवर्ष में शिक्षकों के सम्मान में अनेकों प्रकार के कार्यक्रमों को आयोजन होता है और छात्र व छात्राएं मिलकर आयोजन को रंगीन बनाती है। हमे शिक्षक दिवस के महत्व को समझते हुए उनका सम्मान करना चाहिए और इस दिन कि शोभा बढ़ानी चाहिए।

शिक्षक दिवस पर निबंध से जुड़े प्रश्न और उनके उत्तर (FAQ)

Q- सबसे प्रथम बार शिक्षक दिवस कब मनाया गया था?

Ans- 1962 में सबसे प्रथम बार शिक्षक दिवस मनाया गया था।

Q- विश्व शिक्षक दिवस किस दिन मनाया जाता है?

Ans- हर वर्ष 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

Q- शिक्षक दिवस पर अपने प्रिय शिक्षक के नाम 30-40 शब्दों में संदेश लिखिए ?

Ans- शिक्षक दिवस पर 30 से 40 शब्दों में संदेश लिखने के लिए आप हमारे ऊपर दिए गए लेख को पढ़ सकते हैं। हमने उसमे शिक्षक दिवस पर संदेश लिखा है।

Q- हमे शिक्षक दिवस पर निबंध 200 शब्द में लिखना है?

Ans- ऊपर लिखा गया शिक्षक दिवस पर निबंध हमने 1000 से 1200 शब्दों में लिखा है। आप अपने जरूरत अनुसार उससे मदद लेके लिख सकते हैं।

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आज के इस लेख में हमने शिक्षक दिवस पर निबंध essay on teachers day in hindi के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की है। इसके अलावा हमने ये भी जाना की भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में शिक्षक दिवस की प्रतिष्ठा व्याप्त है। हम उम्मीद करते हैं आपको हमारा ये लेख पसंद आया होगा। यदि पसंद आया हो तो कृपया इसे अपने मित्रो व सगे संबंधियों के साथ अवश्य शेयर करें।

धन्यवाद!

6 thoughts on “(2021) शिक्षक दिवस पर निबंध | essay on teachers day in hindi”

  1. Hii ! I am class 10th student. I have also started blogging. Plzz answer my questions :-
    1. Text font size kitna pixel h aur large hai ya medium.
    2. Kya aapne font style change kiya hai agar haa to kaise aur konsa.
    3. How much time you have taken to write this blog.

    Plzzzzzz… Reply…….

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