[2021] क्रिसमस पर निबंध | Hindi essay on Christmas

क्या आपको क्रिसमस पर निबंध लिखना है? अगर हां तो आप हमारे क्रिसमस पर निबंध (Hindi essay on Christmas) से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और क्रिसमस पर निबंध लिख सकते हैं।

नमस्कार पाठकों, आज के इस लेख में हम ऐसे तोहार पर निबंध लिखेंगे जिसका इंतजार बच्चे बेसब्री से करते हैं। जी हां आज के इस लेख में हम क्रिसमस पर पूरी जानकारी देंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।

क्रिसमस पर निबंध (Hindi essay on Christmas)

प्रस्तावना

क्रिसमस एक ऐसा त्यौहार जिसका इंतज़ार बच्चों को बेसब्री से होता है। क्रिसमस एक ऐसा त्यौहार है जो हर साल दिसंबर के महीने में मनाया जाता है। वैसे तो ये त्योहार पूरा विश्व मनाता है परन्तु मुख्य रूप से ये त्योहार हर ईसाई द्वारा मनाया जाता है। क्रिसमस एक बहुत ही पुराना व प्राचीन उत्सव है जो प्राचीनकाल से शीत ऋतु में मनाया जाता है।

क्रिसमस कब मनाया जाता है?

क्रिसमस का त्योहार यीशु मसीह के जन्म का जश्न है। कुछ लोग क्रिसमस को अलग-अलग मनाते हैं और ये त्यौहार 25 दिसंबर के दिन भगवान ईशा मसीह को याद करते हुए मनाते हैं।

क्रिसमस का त्यौहार क्यों मनाया जाता है?

यह बात भी वास्तव में सत्य है कि ईसा मसीह की जन्म तिथि की सटीक तारीख किसी को भी नहीं पता है फिर भी 137 ईसवी में रोम के बिशप ने क्राइस्ट बच्चे के जन्मदिन को एक गंभीर दावत के रूप में मनाया जाने का आदेश दिया था। 350 ईसवी में जूलियस प्रथम नाम का एक ओर रोमन बिशप 25 दिसंबर को क्रिसमस यानी कि (मसीह का मास) के पालन दिवस के रूप में 25 दिसंबर का चयन किया गया था।

क्रिसमस का त्योहार कैसे मनाया जाता है?

क्रिसमस त्योहार की अपनी ही परंपरा विख्यात है इस दिन लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को सुंदर सुंदर ग्रीटिंग कार्ड देते हैं और सभी परिवार के लोग, मित्र आपस में रात के समय दावत का लुत्फ उठाते है। इस दिन लोग अपने घर मे क्रिसमस ट्री लाते है और उसे अच्छे से सजा कर धूम धाम से खुशियां मनाते है।

क्रिसमस पर निबंध
क्रिसमस पर निबंध

क्रिसमस के दिन बच्चो का उत्साह

क्रिसमस के दिन बच्चों में बहुत ज्यादा उत्साह होता है उनको ऐसा लगता है संता रात के समय उनके पास आएंगे और उन्हें नए-नए उपहार देंगे। बच्चे बड़ी ही व्याकुलता से संता का इंतजार करते हैं और अपने माता पिता से पूछते हैं कि संता कब आएगा और माता-पिता उन्हें एक ही आश्वासन देते है कि बेटा सो जाओ संता रात के मध्यरात्रि में आएगा और तुमको उपहार देगा और बच्चे उपहार की व्याकुलता में सो ही नहीं पाते पर समय आते आते तक बच्चे सो जाते हैं और उनका इंतज़ार मध्यरात्रि में समाप्त होता है और संता मध्य रात्रि में ढेर सारे उपहार के साथ आता है और बच्चो को ढेर सारा उपहार देता है।

इसके अलावा क्रिसमस का त्यौहार स्कूल व कालेजों में एक दिन पहले मनाते है। इस दिन बच्चे अपने दोस्तों के साथ मिलकर 24 दिसंबर को संता क्लॉज की ड्रेस व टोपी पहन कर स्कूल जाते हैं और ढेर सारी मस्ती करते हैं।

क्रिसमस पर बड़ों का उत्साह

क्रिसमस के शुभ अवसर पर लोग अपने परिवार व पड़ोसियों को मिठाई, चॉकलेट, ग्रीटिंग कार्ड, क्रिसमस ट्री और अन्य सजावटी वस्तुएं देकर परंपरा का निर्वाहन करते हैं। केवल बच्चों के अंदर ही नहीं अपितु बड़ों के अंदर भी इस पर्व को लेकर अलग ही जुनून होता है दिसंबर की शुरुआत से ही वे सब क्रिसमस की तैयारियों में जुट जाते है। लोग अपने सगे संबंधियों के साथ मिलकर पूरी तैयारियां करते हैं और गाने गाकर, नाचकर, पार्टी मनाकर इस त्यौहार को मनाते है।

ईशा मसीह को याद करते हैं

क्रिसमस के दिन ईसाई लोग अपने धर्म के संस्थापक ईसा मसीह के जन्म दिवस के अवसर पर उत्सव मनाते हैं। इसी दिन ईसाई लोग भगवान से प्रार्थना करते हैं और उनके सामने अपनी सभी गलतियों के लिए माफी भी मांगते हैं और अपने इष्ट देवता ईशा मसीह का गुणगान करते हुए पवित्र गीत व भजन गाते हैं बाद मे वे अपने बच्चो के लिए तथा अपने रिश्तेदारों को क्रिसमस के कार्ड अथवा अन्य उपहार देते हैं।

Conclusion

आज के इस लेख में हमने क्रिसमस पर निबंध विस्तार पूर्वक लिखा है हम उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा लिखा ये लेख पसंद आया होगा। यदि पसंद आया हो तो हमारे क्रिसमस पर निबंध (Hindi essay on Christmas) को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

धन्यवाद!

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